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भारत के विभिन्न हिस्सों में, कई मान्यताओं से जुड़ा, एक उत्सव मनाया जाता है, जिसे ‘तीज’ के नाम से जाना जाता है।

तीज

‘तीज’ शब्द का अर्थ हिंदी में, नए चंद्रमा और पूर्णिमा के बाद ‘तीसरे दिन’ से संदर्भित है। हिंदू पद्धति के अनुसार मानसून के मौसम में, इसे तीन बार मनाया जाता है, जैसे कि श्रावण (हिंदू माह) के शुक्ल पक्ष में तृतीय, भाद्रपद (हिंदू माह) के कृष्ण पक्ष में तृतीय और भाद्रपद (हिंदू माह) के शुक्ल पक्ष में तृतीय जिनको क्रमशः हरियाली (हरी) तीज, कजरी(कजली) तीज और हरतालिका तीज के रूप में जाना जाता है।

चंद्रमा

नोट: 3 अगस्त 2019 को हरियाली तीज, 18 अगस्त 2019 को कजरी तीज तथा 1 सितंबर 2019 को हरतालिका तीज पड़ रही है।

तीज का त्यौहार भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में खुशी एवम हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। तीनों तीजों में से, हरियाली तीज भारत के उत्तरी, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों के विभिन्न हिस्सों में सबसे अधिक प्रचलित है और जिसको बहुत भव्य तरीके से मनाया जाता है, जबकि कजरी(कजली) तीज और हरतालिका तीज थोड़ी सी क्षेत्रीय भिन्नता लिए हुए कुछ हिस्सों में मनाई जाती है।

तीज का त्यौहार

नवविवाहित लड़कियों के माता-पिता उन्हें त्यौहार मनाने के लिए मायके में आमंत्रित करते हैं, विवाहित लड़कियों को उनके ससुराल से सिंधारा मिलता है जिसमें कपड़े, मेहंदी, गहने, श्रृंगार, मिठाइयाँ और बहुत सी चीज़ें शामिल होती हैं। जिन लड़कियों की सगाई हो चुकी होती है उन्हें इस दिन अपने ससुराल से उपहार मिलते हैं। विवाहित लड़कियों को उनके माता-पिता से उपहार मिलते हैं और उन उपहारों को पूजा के बाद उनकी सास को दिया जाता है।

इसके अलावा, देवी पार्वती और भगवान शिव से जुड़ा एक पौराणिक प्रसंग भी है, हिंदू ग्रंथों के अनुसार, अपने पिता के द्वारा भगवान शिव की निंदा के विरोध में सती, भगवान शिव की पहली पत्नी, के आहुति के बाद, उन्होंने पार्वती के रूप में अवतार लिया। इस घटना से दुःखी-त्रस्त शिव ध्यान अवस्था में चले गए। देवी पार्वती ने उन्हें उस अवस्था से बाहर निकालने और अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने के लिए 108 बार जन्म लिया। यही कारण है कि इस दिन को शिव और पार्वती के मिलन के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि विवाहित लड़कियां अपने पति की लंबी उम्र और अपने वैवाहिक जीवन में सुख के लिए व्रत रखती हैं। यहां तक ​​कि अविवाहित लड़कियां भी भविष्य में एक योग्य वर के लिए इस दिन उपवास कर सकती हैं।

देवी पार्वती और भगवान शिव

भिन्न समुदायों में इसे मनाने के विभिन्न तरीके हैं, विशेषकर, विवाहित महिलाओं और युवा लड़कियों में। वे अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं, रंगीन चूड़ियाँ और रंगीन कपड़े पहनती हैं। कई स्थानों पर, एक इलाके की महिलाएं एकत्रित होकर, नृत्य करती हैं और झूला झूलते हुए गीत गाती हैं।

तीज पंजाब में

पंजाब में, तीज हरियाली और समृद्धि के साथ जुड़ा हुआ है। यह व्यापक रूप से कॉलेजों और स्कूलों में मनाया जाता है। छात्र पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, विभिन्न प्रदर्शनों, सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। लड़कियां और विवाहित महिलाएँ भी अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं, गीत गाती हैं, नृत्य करती हैं और अपने मंगेतर और पति को समर्पित तीज के दिन का आनंद लेती हैं। पंजाब में तीज का त्यौहार, लड़कियों द्वारा पहने जाने वाले परिधानों और गिद्दा प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, आमतौर पर गांवों और कस्बों में मेले आयोजित किए जाते हैं।

यह निर्विवाद है कि भारत त्यौहारों का देश है और तीज, मानसून के दौरान मनाया जाने वाला त्यौहार है, जिसे सभी संस्कृतियों की महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। भारत में तीज को देखने और आनंद लेने के लिए बहुत कुछ है।

यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है जिसे मैं प्रसारित कर सकता हूं, हालांकि, यदि आप तीज से जुडी और जानकारी साझा करना चाहते हैं, तो टिप्पणी करें। अपने चित्रों को साझा करें और हमें नीचे टिप्पणी अनुभाग में तीज के दिन के महत्व को बताएं

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